Gold Rate: गोल्ड को वन नेशन वन रेट के दायरे में लाने की तैयारी, बड़े ज्वैलर्स भी हैं रेडी

सितंबर की बैठक में इसकी आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद

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नई दिल्ली। देशभर के बड़े ज्वैलर्स ने सोने के लिए वन नेशन वन रेट नीति अपनाने के लिए राजी हो गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पूरे भारत में सोने की कीमतों को एक समान करना है। जेम एंड ज्वैलरी काउंसिल का इसे समर्थन है। सूत्रों ने बताया है कि सितंबर की बैठक में इसकी आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है। जीजेसी ने देशभर के प्रमुख ज्वैलर्स से राय ली है। एक सोने के दाम को लागू करने पर सभी की सहमति है। इस नीति को लागू करने में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए इंडस्ट्री सक्रिय रूप से विचार-विमर्श कर रही है।


वन नेशन वन गोल्ड रेट पॉलिसी क्या है?
यह भारत सरकार की ओर से प्रस्तावित एक योजना है। इसका लक्ष्य पूरे देश में सोने की कीमतों को एक समान करना है। इसका मतलब है कि चाहे आप देश में कहीं भी सोना खरीदें, उसकी कीमत एक ही होगी। इस योजना के तहत सरकार एक राष्ट्रीय बुलियन एक्सचेंज स्थापित करेगी। यह एक्सचेंज सोने की कीमतें तय करेगा और ज्वैलर्स को इसी कीमत पर सोना बेचना होगा।

क्या है ओएनओआर पॉलिसी के फायदे ?
वन नेशन वन गोल्ड रेट पॉलिसी के कई फायदे होंगे। इससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी। सभी ग्राहकों के साथ समान व्यवहार होगा। इससे सोने का बाजार अधिक कुशल बनेगा। कीमतों में अंतर समाप्त होने से सोने की कीमतों में कमी आ सकती है। एक समान कीमत से मनमानी कीमत वसूलने की गुंजाइश नहीं रहेगी। यह नीति देशभर के सभी ज्वैलर्स को एक समान प्रतिस्पर्धा का माहौल प्रदान करेगी।

बड़ा है यह कदम
सूत्रों ने बताया है कि जीजेसी ने देशभर के प्रमुख ज्वैलर्स से इस बारे में रायशुमारी की है। वन नेशन वन गोल्ड रेट को लागू करने पर सभी की सहमति है। सितंबर की बैठक में इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा होसितंबर की बैठक में इसकी आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद