Sidhi News: सीधी में चुरहट विधायक ने अल्फानार इण्डिया कम्पनी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने वाली कम्पनी के काम पर तत्काल रोक लगे: अजय सिंह

सीधी। चुरहट विधायक अजय सिंह ने मध्य प्रदेश के घरों में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने वाली सउदी अरब की अल्फानार इण्डिया कम्पनी की कार्यप्रणाली की सघन जांच कर ठेका निरस्त करने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
उन्होंने कहा कि चूंकि कम्पनी के आला अधिकारी, इंजीनियर और कर्मचारी पाकिस्तानी मूल के है इसलिए ठेके के बहाने नागरिकों का डाटा एकत्र कर उसका दुरुपयोग होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
क्या प्रदेश सरकार इस बात से आश्वस्त है कि कम्पनी को ठेका देना देशहित में है, इसमें कोई पाकिस्तानी कनेक्शन तो नही है और यहां के नागरिकों का डाटा विदेशों में नही भेजा जाएगा। क्या ठेका देने के पहले मुख्यमंत्री को विश्वास में लिया गया था। यदि ऐसा है तो सरकार को यह सब बातें श्वेत पत्र के माध्यम से प्रदेश की जनता तक पहुंचाना चाहिए।
अजय सिंह ने कहा कि शक इसलिए भी और गहरा हो गया है क्योंकि कम्पनी ने सरकारी बोली से चार हजार करोड़ रुपए कम में ठेका कैसे ओैर क्यों लिया? सरकारी बोली 15 अरब 70 करोड़ 26 लाख रुपए की थी जबकि कम्पनी ने 11 अरब 63 करोड 40 लाख रुपए में ही ठेका ले लिया। इतना बड़ा अंतर केवल सिस्टम में प्रवेश पाने लिए समझबूझ कर किया गया प्रतीत होता है।
जाहिर है कि इसमें घटिया सामान ही दिया जाएगा। अल्फानार कम्पनी के पास साफ्टवेयर विकास या डेटा प्रबंधन का अनुभव नहीं है। अल्फानार ने यह काम यूएई की एस्यासाफ्ट टेकनोलोजी कम्पनी को दे दिया है। इसमें भी पाकिस्तानी अधिकारी पदस्थ हैं। इनकी पहुंच हमारे उपभोक्ताओं के डाटा तक होना क्या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम नहीं है?
सिंह ने कहा कि इन्दौर में अयोग्य घोषित होने के बावजूद भी कम्पनी को अन्य स्थानों में कार्य क्यों दिया गया? प्रदेश के कई स्थानों से स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े हुए बिल आने की शिकायतें आ रही है। विस्फोट होने और आग लगने की कई खबरें भी अखबारों में प्रकाशित हो रही हैं।
स्मार्ट मीटर की सामग्री चीन से आयात हो रही है। केवल असेम्बलिंग भारत में हो रही है । एक ओर तो प्रधानमंत्री स्वदेशी अपनाने की बात कर रहे है वहीं दूसरी और आयातित सामान का उपयोग हो रहा है।