Singrauli News: सिंगरौली में उमंग और उत्साह के साथ मनाया गया मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस
राज्यमंत्री राधा सिंह ने किया स्वर्णिम प्रदेश के निर्माण का आह्वान; शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास में जनभागीदारी निभाने की अपील, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
मेधावी विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि, किसानों को ट्रैक्टर, बुलेट एवं इलेक्ट्रिक स्कूटी से किया गया पुरस्कृत
सिंगरौली। देश के हृदय-प्रदेश मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस शनिवार को सिंगरौली जिले में पूरे उमंग और गरिमामय वातावरण के साथ मनाया गया। अटल सामुदायिक भवन, बिलौंजी में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह का शुभारंभ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की राज्यमंत्री राधा सिंह ने ध्वजारोहण कर किया।
स्वर्णिम मध्यप्रेदश का संकल्प

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राज्यमंत्री राधा सिंह ने कहा कि स्वर्णिम मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए सर्वस्व अर्पण की भावना के साथ सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास की कुंजी है और सिंगरौली अब बिजली-कोयला के साथ सोना, तांबा और लौह अयस्क के उत्पादन से भी देश की तरक्की में योगदान दे रहा है।
इनकी रही उपस्थिति

समारोह में सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम, महापौर रानी अग्रवाल, प्रभारी कलेक्टर संघप्रिय, पुलिस अधीक्षक सियाज के.एम., नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय सहित तमाम जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक व विद्यार्थी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए विकास में सहयोग की अपील की।
मेधावी व किसान सम्मानित
समारोह का मुख्य आकर्षण मेधावी विद्यार्थियों और किसानों का सम्मान रहा:
- मेधावी सम्मान: 'मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना' के तहत 4 प्रतिभावान विद्यार्थियों को 1-1 लाख रुपये की नगद प्रोत्साहन राशि दी गई।
- किसान सम्मान: 'किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व 2026' के तहत विजेता किसान आशीष सिंह को ट्रैक्टर, रितेश बैस को बुलेट तथा सुदामा बैस को इलेक्ट्रिक स्कूटी प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।

सांस्कृतिक रंगारंग प्रस्तुतियां

कार्यक्रम के दौरान बिमल म्यूजिकल ग्रुप और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने 'प्यारा लगे अपना मध्यप्रदेश' गीत सहित मनमोहक नृत्य और गायन प्रस्तुतियां देकर उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया। अंत में सभी नागरिकों ने मिलकर मध्यप्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया।
