Rewa News: रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए सीधी उड़ान 9 अगस्त से

 शुरू होगी 72-सीटर विमान सेवा; विंध्य को उद्योग, व्यापार, शिक्षा और पर्यटन में मिलेगा नया उड़ान मार्ग

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रीवा। विंध्य क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी है। रीवा एयरपोर्ट से अब भोपाल और कोलकाता के लिए सीधी विमान सेवा शुरू होने जा रही है। आगामी 9 अगस्त से 72-सीटर विमान इन दोनों शहरों के लिए नियमित उड़ान भरेगा। नई सेवा के शुभारंभ को लेकर मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से मुलाकात कर उन्हें उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया।


72-सीटर विमान से मिलेगी नई उड़ान
9 अगस्त से शुरू होने वाली इस नई विमान सेवा के तहत रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए 72-सीटर विमान का संचालन किया जाएगा। इससे विंध्य क्षेत्र के यात्रियों को राजधानी भोपाल और पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता तक सीधे हवाई संपर्क की सुविधा मिलेगी। अब यात्रियों को लंबी सड़क या रेल यात्रा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।


हवाई संपर्क के विस्तार से विकास को मिलेगी गति
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में हवाई संपर्क का लगातार विस्तार हो रहा है। रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए शुरू होने वाली नई उड़ानें विंध्य क्षेत्र में उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को नई गति देंगी। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से क्षेत्र राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती के साथ जुड़ेगा तथा स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, उद्यमियों और पर्यटकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।


रीवा एयरपोर्ट बना विंध्य के विकास का नया आधार
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि रीवा एयरपोर्ट, जो कभी केवल एक हवाई पट्टी था, आज प्रधानमंत्री की उड़ान योजना के तहत विकसित होकर विंध्य क्षेत्र के विकास का मजबूत आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि कम समय में रीवा एयरपोर्ट ने उल्लेखनीय प्रगति की है और दिल्ली व रायपुर जैसी प्रमुख शहरों से हवाई संपर्क स्थापित होने से क्षेत्र को व्यापक लाभ मिला है।


उन्होंने कहा कि यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए 9 अगस्त से रीवा को भोपाल और कोलकाता के लिए नई विमान सेवाओं की सौगात दी जा रही है। इन नई उड़ानों से विंध्य क्षेत्र का देश के पूर्वी हिस्से सहित अन्य महत्वपूर्ण शहरों से संपर्क और अधिक मजबूत होगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी।