Rewa News: सतना में डेंगू से युवक की मौत के बाद रीवा नगर निगम प्रशासन में हड़कंप, शहर में वर्षों से नहीं हुई फॉगिंग
रीवा शहर के घर-घर में बुखार का प्रकोप, जगह-जगह कचरे का अंबार और जाम नालियों से बढ़ रहा संक्रामक बीमारियों का खतरा
सतना के डेंगू संक्रमित युवक की रीवा लाते समय रास्ते में मौत, सात माह की गर्भवती पत्नी भी पॉजिटिव
रीवा। पड़ोसी जिले सतना में डेंगू से एक युवक की दर्दनाक मौत के बाद रीवा नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सतना के एक युवक की रीवा लाते वक्त रास्ते में मौत हो जाने और उसकी गर्भवती पत्नी के डेंगू पॉजिटिव मिलने के बाद रीवा में भी हड़कंप मच गया है। इन दिनों रीवा शहर में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और डेंगू जैसी संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था और मच्छरों की रोकथाम के इंतजाम कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं।
रीवा लाते समय युवक की मौत, गर्भवती पत्नी भी संक्रमित
सतना जिले के सिद्धार्थ नगर (वार्ड क्र. 8) निवासी 29 वर्षीय राजेश बुनकर की डेंगू की चपेट में आने से मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, राजेश अपनी 26 वर्षीय पत्नी प्रियंका और 20 वर्षीय भाई अजय के साथ पुणे में मजदूरी करते थे। तेज बुखार और उल्टी की शिकायत के बाद तीनों 29 अक्टूबर को सतना लौटे थे। स्थानीय डॉक्टर की सलाह पर सिंधी कैंप स्थित डे केयर पैथोलॉजी में कराई गई जांच में राजेश और उनकी पत्नी प्रियंका दोनों डेंगू पॉजिटिव पाए गए।
सतना के जिला अस्पताल और फिर पुष्पांजलि अस्पताल में इलाज के दौरान राजेश की प्लेटलेट्स गिरकर 27 हजार तक पहुंच गईं। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें रीवा रेफर किया, लेकिन रीवा ले जाते वक्त रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक की सात माह की गर्भवती पत्नी प्रियंका भी डेंगू पॉजिटिव हैं, जिन्हें पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 1 नवंबर को डिस्चार्ज किया गया। इस अप्रत्याशित घटना से परिवार सदमे में है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और मलेरिया टीम ने मृतक के घर के आसपास दवा का छिड़काव किया है।
रीवा में बिगड़ी सफाई व्यवस्था, खाली प्लॉट बने कचरा घर
सतना की इस घटना के बाद रीवा शहर में भी चिंताएं गहरी हो गई हैं। शहर के लगभग हर घर में इन दिनों बुखार और मौसमी बीमारियों के मरीज सामने आ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम की उदासीनता के कारण शहर बदहाली के दौर से गुजर रहा है। शहर के कई इलाकों में कचरा संग्रहण वाहनों की अनियमित आवाजाही के कारण कचरे के ढेर लग गए हैं। नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं और गंदा पानी भरा हुआ है।

शहर के खाली पड़े प्लॉट कचरा फेंकने का ठिकाना बन गए हैं, जहां लंबे समय से गंदगी जमा है। इन स्थानों पर नगर निगम द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई न होने से मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो रहा है।
शहरवासियों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि रीवा शहर के मोहल्लों में लंबे समय से फॉगिंग नहीं कराई गई है। मच्छरों की बेकाबू होती संख्या और जलभराव के बीच नगर निगम की सुस्ती से लोगों में भारी आक्रोश है।
आखिर कब जागेगा प्रशासन?
वायरल बुखार और डेंगू के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग और रीवा नगर निगम के बीच तालमेल की कमी साफ नजर आ रही है। नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम केवल कागजी दावे करने के बजाय जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए। शहरभर में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, कचरा संग्रहण व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए, जाम पड़ी नालियों की साफ-सफाई और मच्छर प्रभावित क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग सुनिश्चित हो। साथ ही, नियमों का उल्लंघन कर खाली प्लॉटों में कचरा फेंकने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
बीमारियों के इस बढ़ते खतरे के बीच शहरवासियों को अब कोरे आश्वासनों की नहीं, बल्कि एक साफ-सुथरे वातावरण और बीमारी से बचाव के ठोस एवं प्रभावी इंतजामों की दरकार है।