Rewa News: रीवा में गणतंत्र दिवस पर केन्द्रीय जेल से रिहा किए जाएंगे 12 कैदी
जेल में 14 साल की सजा पूरी कर चुके कैदियों को मिलेगा रिहाई का लाभ
रीवा। हर साल की तरह इस साल भी केन्द्रीय जेल रीवा से कैदियों को रिहा किया जाएगा। पात्र कैदियों के बारे में जानकारी जेल मुख्यालय को भेजी गई थी जिसको स्वीकृति मिल गई है। कैदी अब गणतंत्र दिवस के मौके पर जेल से आजाद होकर अपने परिवार के साथ जीवन गुजारेंगे।
बताया गया है कि गणतंत्र दिवस पर जेल से कैदियों को रिहा किया जाएगा। हर साल जेल से गणतंत्र दिवस के अवसर पर कैदियों को रिहा किया जाता है। इसमें ऐसे कैदी रिहा किए जाते है जो चौदह साल की सजा जेल के अंदर काट चुके है। उनकी 6 साल की सूखी सजा माफ कर दी जाती है और वे रिहाई के पात्र बन जाते है। इन कैदियों की रिहाई के लिए गत दिवस रीवा जेल से प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा जिसको शासन ने अपनी मंजूरी दे दी हे। अब गणतंत्र दिवस पर 10 कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ हो जाएगा।
बताया गया है कि जिन कैदियों को रिहा किया जा रहा है वे कैदी आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। वे जेल के अंदर 14 साल की सजा काट चुके है और उनकी 6 साल की सजा को माफ कर दिया गया है। अब वे जेल से बाहर निकलकर अपने परिवार के साथ जीवन गुजारेंगे।
जिन कैदियों को रिहा किया जाएगा उनके संबंध में घर वालों को भी सूचना भिजवा दी गई है। कैदियों से जेल के अंदर काम कराया जाता था उसकी पारिश्रमिक भी रिहाई के पहले उनको दी जाएगी। अपने हांथों हुए गुनाह के कारण उन्होंने चौदह साल जेल में बिताए है लेकिन अब वे बाहर निकलकर समाज की मु य धारा से जुड़कर बाकी का जीवन गुजारेंगे।
इनका कहना है-
गणतंत्र दिवस पर हर साल कैदियों को रिहा किया जाता था। इस साल भी 10 कैदियों को जेल से रिहा किया जाएगा जिसके लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। गणतंत्र दिवस के दिन सभी कैदियों को जेल से रिहा कर दिया जाएगा जो अब बाकी का जीवन अपने परिवार के साथ गुजारेंगे।
-एसके उपाध्याय, जेल अधीक्षक
जेल में 16 बैरकों का हो रहा निर्माण, जल्द होंगे पूर्ण
जेल में बन रहे नए र्बैरकों का निर्माण कार्य चल रहा है और लगभग काम पूर्णता की ओर है। जेल में कैदियों की संख्या काफी ज्यादा होती है और बैरक कम हेाने से उनकेा रखने के लिए समस्या होती थी।
इसकी वजह से जेल में नए बैरकों के बनने का प्रस्ताव भेजा गया था जिसको स्वीकृति मिलने के बाद नए बैरक बन रहे है। बैरकों का निर्माण कार्य अब पूर्ण होने की स्थिति में पहुंच गया है। ये बैरक काफी बड़े है और तमाम सुविधाएं इसमें मौजूद है। एक बैरक में 40 अधिक कैदियों को आसानी से रखा जा सकता है।