MP News: केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीसी से जल संरक्षण हेतु जा रहे प्रयासों की समीक्षा की

केन्द्रीय मंत्री बोले- 6 राज्यों को पानी देने वाला प्रदेश है मध्यप्रदेश 

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मध्यप्रदेश में 250 से अधिक नदियों का मायका है: डॉ. मोहन यादव 

भोपाल। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के लिए किए गए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। केन्द्रीय मंत्री श्री पाटिल ने कहा कि मध्यप्रदेश के बड़े भू-भाग में वन हैं। 


मध्यप्रदेश में महाराष्ट्र के बाद सर्वाधिक बांध हैं। मध्यप्रदेश अपनी नदियों और बांधों से उत्तरप्रदेश, झारखण्ड, बिहार, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को पानी दे रहा है। जल गंगा जन भागीदारी अभियान में मध्यप्रदेश के खण्डवा जिले को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। 


मध्यप्रदेश में जल संवर्धन और सरंक्षण के अच्छे प्रयास किए जा रहे हैं। खण्डवा की तरह प्रदेश के हर जिले में जल संरक्षण का प्रयास करें। लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरुक करने का भी अभियान चलाएं। आमजनता की भागीदारी से ही जल संरक्षण का अभियान पूरा होगा।


रूफहार्वेस्टिंग से छत का पानी धरती में पहुंचाएं: केन्द्रीय मंत्री
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हर पक्के भवन में रूफहार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर छत का पानी धरती में पहुंचाए। हर बड़े खेत में वर्षा जल को धरती में भेजने के लिए रिचार्जिंग संरचना का निर्माण कराएं। गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रहेगा तभी जल संवर्धन होगा। गांव में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने पर खेती समृद्ध होगी और किसान खुशहाल होगा। वनों में भी हर बड़े वृक्ष के पास जल संरक्षण के लिए कंटूर और ट्रेन्च बनाएं। 


जल सरंचनाओं के निर्माण में देश में प्रथम स्थान पर एमपी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जल संरक्षण के आहवान पर मध्यप्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लगातार जल संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं। गत वर्ष खण्डवा जिले में एक लाख 29 हजार जल संरचनाओं का निर्माण करके देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

 
मध्यप्रदेश में पिछले 2 वर्षों में जल संरक्षण के लिए 2 लाख 79 हजार जल संरक्षण का निर्माण किया गया है। मध्यप्रदेश 250 से अधिक नदियों का मायका है। नदियों के उद्गम स्थलों की साफ-सफाई तथा वृक्षारोपण का अभियान शुरू किया जा रहा है।


जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी चंबल नदी से युमना नदी को सोन नदी से गंगा नदी को शक्ति मिलती है। हमारी नदियों में जल संचय का स्त्रोत हमारे वन हैं। वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रदेश को वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। इस वर्ष हम 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू कर रहे हैं। 


सभी कलेक्टर कार्ययोजना बनाकर जल संरक्षण के कार्य शुरू कराएं। प्रदेश को जल संरक्षण में देश में प्रथम स्थान पर लाना है। नहरों की साफ-सफाई, हैण्डपंप में रिचार्ज पिट तथा हर पक्के भवन में वाटर हार्वेड्डस्टग की व्यवस्था कराएं।


विभिन्न कार्यों की दी गई जानकारी
बैठक में जल शक्ति विभाग के सचिव बीएल कांता राव ने जल गंगा जन भागीदारी अभियान की उपलब्धियों तथा मध्यप्रदेश के कार्यों की जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारियों, कार्ययोजना एवं गत वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में खण्डवा, राजगढ़ और इंदौर जिलों की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया।


ये रहे शामिल
वीडियो कान्फ्रेंसिंग में ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर कार्यालय के एनआईसी केन्द्र से कलेक्टर डॉ केदार सिंह, सीईओ जिला पंचायत शिवम प्रजापति, वनमण्डलाधिकारी श्रद्धा पंद्रे, तरुणा वर्मा सहित अन्य अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।