MP News: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि संस्थानों का हुआ सम्मान

फार्म एन फूड कृषि सम्मान में नवाचार, प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने वाले प्रतिभागियों को मिली पहचान

 | 
Bhopal

भोपाल। खेती में नवाचार, आधुनिक तकनीक और बेहतर कृषि पद्धतियों के जरिए बदलाव की मिसाल कायम करने वाले मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विज्ञान केंद्रों को राज्य स्तरीय सम्मान मिला। दिल्ली प्रेस की कृषि पत्रिका ‘फार्म एन फूड’ की ओर से विगत 30 सितंबर को भोपाल स्थित आईसीएआर-सीआईएई में ‘राज्य स्तरीय फार्म एन फूड कृषि सम्मान अवार्ड’ समारोह आयोजित किया गया। समारोह में दोनों राज्यों के 200 से अधिक किसान, कृषि वैज्ञानिक, कृषि संस्थानों के प्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए। विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले करीब 40 किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि विज्ञान केंद्रों को सम्मानित किया गया।


कृषि को उद्योग की तरह अपनाएं
समारोह के शुभारंभ पर दिल्ली प्रेस के संपादक एवं प्रकाशक परेश नाथ ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि को उद्योग की तरह समझकर काम करने की जरूरत है। कृषि के बिना कोई भी समाज और देश आगे नहीं बढ़ सकता। किसान को उसकी मेहनत का पूरा मूल्य नहीं मिल पाता, इसलिए उसे अपनी उपज का बेहतर मूल्य हासिल करने के साथ ही कृषि आधारित प्रसंस्करण पर भी ध्यान देना चाहिए। किसान केवल कच्चा माल बेचने तक सीमित न रहें, बल्कि फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से अपनी आय और मूल्यवर्धन के अवसर बढ़ाएं।


समय पर फसल से बढ़ता उत्पादन
समारोह के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि समय पर फसल लगाने से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर होती हैं तथा किसानों को उपज का अच्छा मूल्य भी मिल सकता है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के किसानों ने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है। प्रदेश में खेती का रकबा बढ़ा है और मसाला उत्पादन में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी है। फल उत्पादन के क्षेत्र में भी प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 12 फसलों को जीआई टैग मिल चुका है।


किसान लगातार सीखता है
विशिष्ट अतिथि मध्य प्रदेश सरकार के कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और किसान हमेशा सीखने तथा नई तकनीक अपनाने का प्रयास करता है। किसानों को बेहतर खाद, तकनीक और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों तो कृषि क्षेत्र में और अधिक प्रगति की संभावनाएं हैं।


100 से अधिक नामांकन
आयोजकों के अनुसार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की विभिन्न श्रेणियों में कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि संस्थानों की संस्तुति सहित 100 से अधिक नामांकन प्राप्त हुए थे। इन नामांकनों का चार सदस्यीय जूरी ने मूल्यांकन किया। विभिन्न श्रेणियों में चयनित किसानों, वैज्ञानिकों और संस्थानों को समारोह में सम्मान प्रदान किया गया।

Bhopal


मध्य प्रदेश से इनका हुआ सम्मा
मध्य प्रदेश से जयराम गायकवाड़, बैतूल को ऑर्गेनिक/नेचुरल फार्मिंग; लाखन सिंह गेहलोत, इंदौर को फील्ड क्रॉप्स; गोगावां एफपीसीएल, खरगोन और निमाड़ फ्रेश कृषि विकास एफपीसीएल, खरगोन को एफपीओ; तौसीफ अली, बुरहानपुर को डेयरी/एनिमल कीपर; देवेन शर्मा, बुरहानपुर को वाटरमेलन फार्मिंग; सुगम कुशवाह, भिंड और श्याम सिंह कुशवाह, भोपाल को इंटीग्रेटेड फार्मिंग; अशोक मीना, भोपाल को नेचुरल फार्मिंग; अरविंद धाकड़, रतलाम को हाईटेक फार्मिंग; ब्रजेंद्र सिंह रावत, ग्वालियर को मार्केटिंग; शिवम मुकाती, बड़वानी को यंग फार्मर; मोहन सिंह सिसोदिया, खरगोन को इनोवेटिव फार्मिंग; ईश्वर लाल पाटीदार, कालूखेड़ा, रतलाम को विलेज टूरिज्म; हृदेश त्यागी, मुरैना को शुगरकेन फार्मिंग; दुर्गा बाई, धार को फीमेल फार्मर; उमेश सिंह, भोपाल को पोल्ट्री/हैचरी; अमित चौधरी, नर्मदापुरम, सरमन सिंह कुशवाहा, ग्वालियर, रामेश्वर पटेल, सागर, काशीराम, गुना और उत्तम सिंह कुशवाह, अशोकनगर को हॉर्टिकल्चर; हेमराज यादव, भोपाल को मैकेनाइजेशन; सचिन तुलसा त्रिपाठी, सतना को एग्रीकल्चर जर्नलिस्ट श्रेणी में सम्मानित किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र, धार और कृषि विज्ञान केंद्र, बैतूल को बेस्ट केवीके अवार्ड प्रदान किया गया। डा. रंजय कुमार सिंह, भोपाल को फार्मिंग सिस्टम रिसर्च; डा. राजीव कुमार सिंह, खरगोन को एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन रिसर्च; डा. देवेश कुमार पांडेय, भोपाल को यंग साइंटिस्ट; नरसिंह डोडियार, रतलाम को व्हीट प्रोडक्शन और अमोल खरोड़े को पल्स प्रोडक्शन श्रेणी में सम्मानित किया गया।


छत्तीसगढ़ से ये हुए सम्मानित 
छत्तीसगढ़ से सुरबिल दास, सरगुजा को फीमेल फार्मर; रजनी बाई निषाद, बलौदा बाजार-भाटापारा को फीमेल फार्मर इन फील्ड क्रॉप्स; कृषि विज्ञान केंद्र, सरगुजा को बेस्ट केवीके; नोहर लाल चंद्राकर, बलौदा बाजार को इंटीग्रेटेड फार्मिंग; चंद्रशेखर वर्मा, दुर्ग को यंग फार्मर; डा. अंगद सिंह राजपूत, भाटापारा को फार्मिंग सिस्टम रिसर्च तथा अंबिकेश्वर राजवाड़े, सरगुजा को बी-कीपर श्रेणी में सम्मानित किया गया।

Bhopal


सम्मान समारोह में पुरस्कृत किसानों के अलावा कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विश्वविद्यालयों और अन्य कृषि संस्थानों के वैज्ञानिक, शासकीय विभागों के अधिकारी तथा प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन स्टील इंडिया, भारत ऑर्गेनिक्स और ज्ञानधारा के सहयोग से किया गया।


एजेंटों का भी हुआ सम्मान
समारोह के दौरान दिल्ली प्रेस ने मध्य प्रदेश में अपने विभिन्न एजेंटों को भी मंच पर सम्मानित किया। कार्यक्रम के समापन पर आमंत्रित अतिथियों को गुडी बैग प्रदान किए गए तथा लंच की व्यवस्था की गई।