Bloomberg's Indices: ब्लूमबर्ग के सूचकांक में शामिल होगा भारत, कर्ज की लागत होगी कम

सरकारी प्रतिभूतियां अगले साल 31 जनवरी को करेगा शामिल, देश के बांड बाजार में बढ़ेगा विदेशी निवेश 

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ब्लूमबर्ग ने मंगलवार को भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों को अपने उभरते बाजार स्थानीय मुद्रा सरकारी सूचकांक और संबंधित सूचकांकों में अगले साल 31 जनवरी से शामिल किये जाने की घोषणा की। इस पहल से देश के बांड बाजार में विदेशी निवेश बढ़ेगा और सरकार के लिए कर्ज की लागत में कमी आएगी। पिछले साल सितंबर में जेपी मॉर्गन के उभरते बाजार बांड सूचकांक में भारतीय बांड को शामिल किये जाने की घोषणा के बाद से ब्लूमबर्ग ईएम इंडेक्स में भारतीय बांड को शामिल करने की चर्चा चल रही थी।

बिना किसी सीमा के निवेश की होगी अनुमति
ब्लूमबर्ग ने बयान में कहा कि भारतीय एफएआर (पूर्ण पहुंच वाला मार्ग) बांड को 31 जनवरी, 2025 को उनके बाजार मूल्य के 10 प्रतिशत के शुरुआती भारांश के साथ ब्लूमबर्ग उभरते बाजार (ईएम) स्थानीय मुद्रा सरकारी सूचकांक में शामिल किया जाएगा। पूर्ण पहुंच वाला मार्ग के तहत पात्र प्रवासी निवेशकों को सरकारी बांड में बिना किसी सीमा के निवेश की अनुमति होती है। पिछले साल सितंबर में जेपी मॉर्गन ने भारतीय बांड शामिल किए थे।

बांड भारांश 10 फीसदी बढ़ाया जाएगा
इसमें कहा गया है कि हर महीने एएएफएआर बाड़ के भारांश को 10-10 प्रतिशत बढ़ाया जाएगा। इस लिहाज से अक्टूबर, 2025 यानी 10 माह में बांड का सारांश पूर्ण बाजार मूल्य के अनुरूप होगा। शामिल किये जाने की गुंजाइश वाले सुक्काकों में ब्लूमखता ईएम स्थानीय मुद्रा सरकारी सूचकांक, ब्लूमबर्ग स्थानीय मुद्रा सरकारी सूचकांक 10 परसेंट कंट्री कैप्ड इंडेक्स और सभी संबंधित उप सूचकांक शामिल है।

 
भारत तीसरा बड़ा देश होने की उम्मीद
एक बार ब्लूमबर्ग इमर्जिग मार्केट 10 पर्सेन्ट कंट्री कैप्ड इंडेक्स में पूरी तरह से शामिल हो जाने के बाद भारत के चीन और दक्षिण कोरिया दोनों के साथ 10 प्रतिशत कैप तक पहुंचने वाले बाजारों में शामिल होने की उम्मीद है। इसमें कहा गया है कि सूचकांक के बाजार पूंजीकरण माराश संस्करण के भीतर, चीज और दक्षिण कोरिया के चाय मारत के तीसरा सबसे बड़ा देश होने की उम्मीद है।