MP News: एमपी में महंगी हो सकती है बिजली, भेजा गया प्रस्ताव

डिस्कॉम ने कहा-पिछले साल हुए 4,344 करोड़ के घाटे की भरपाई हो

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भोपाल। प्रदेश के बिजली उपभोताओं से एक बार फिर बिजली के दामों में बढ़ोत्तरी की मार झेलनी पड़ सकती है। प्रदेश में बिजली कंपनियों (डिस्कॉम) ने बिजली की कीमतें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। कंपनियों का कहना है कि उन्हें 2023-24 में 4,344 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इस घाटे की भरपाई के लिए वे 2025-26 में 7.5 प्रतिशत कीमतें बढ़ाना चाहती हैं। लेकिन एक विशेषज्ञ का आरोप है कि डिस्कॉम ने जरूरत से ज्यादा पैसा मांगा है। इस मामले में उन्होंने नियामक से डिस्कॉम की मांग ठुकराने की अपील की है।


एमपी की डिस्कॉम ने अपनी याचिका में बताया है कि 2023-24 में उन्हें कितना खर्चा आया। यह खर्चा साल की शुरुआत में अनुमानित लागत से ज्यादा है। इस अतिरिक्त खर्चे की वसूली के लिए डिस्कॉम ने बिजली की दरों में 7.5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव रखा है। हर साल बिजली की कीमतें नियामक द्वारा तय की जाती हैं।


यह अनुमानित उत्पादन लागत पर आधारित होती है। लेकिन साल के अंत में डिस्कॉम वास्तविक खातों के आधार पर कीमतों को समायोजित करने के लिए याचिका दायर कर सकती हैं। इस याचिका को ट्रूअप पिटीशन कहते हैं। वर्तमान ट्रूअप पिटीशन 2023-24 के लिए नियामक के टैरिफ ऑर्डर में अनुमत लागत और वास्तविक वित्तीय स्थिति के बीच के अंतर को दर्शाती है।


पूर्व चीफ इंजीनियर ने जताई आपत्ति
एमपी जेनको के सेवानिवृत्त अतिरिक्त चीफ इंजीनियर राजेंद्र अग्रवाल ने 2023-24 की ट्रूअप याचिका पर नियामक के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है। उनका दावा है कि एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी और मध्य प्रदेश डिस्कॉम ने 2023-24 के लिए ट्रूअप में 7,293 करोड़ रुपये अतिरिक्त मांगे हैं। डिस्कॉम अगले साल के लिए टैरिफ याचिका में 7.52 प्रतिशत की वृद्धि की मांग कर रही हैं। यह मांग मुख्य रूप से इस 4,344 करोड़ रुपये की वसूली पर आधारित है। 


डिस्कॉम का कहना है कि उन्हें पिछले वर्षों में यह नुकसान हुआ था, और उन्होंने नियामक से अगले वित्तीय वर्ष में इसकी वसूली करने की अनुमति देने का आग्रह किया है। अग्रवाल का कहना है कि अगर इन दावों को खारिज कर दिया जाता है, तो टैरिफ में बढ़ोत्तरी की कोई जरूरत नहीं होगी। बल्कि इसे घटाया जाना चाहिए।