Indian Railway: रेलवे ने कम किए स्लीपर कोच, रेवांचल-भोपाल एक्सप्रेस जैसे ट्रेनों के स्लीपर्स की हालत बदतर

मजबूरी में लोगों को दोगुना से अधिक किराया देकर एसी इकोनामी में कराना पड़ रहा रिजर्वेशन 

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रेलवे इन दिनों लगातार स्लीपर कोच की संख्या कम कर रहा है, वहीं एसी कोचों की संख्या बढ़ा रहा है। इससे मध्यम वर्ग के यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और मजबूरी में एसी की टिकट लेकर यात्रा करने से जेब पर भार बढ़ रहा है। दरअसल, एक तरफ स्लीपर कोच की संख्या घटने से उन्हें मजबूरन एसी टिकट लेना पड़ रहा है। वहीं टिकट कंफर्म न होने से स्लीपर कोच में बेदम करने वाली भीड़ देखी जा रही है।

रेवांचल एक्सप्रेस, भोपाल एक्सप्रेस समेत कुछ अन्य ट्रेनों में छह स्लीपर कोच को कम कर दिया गया है। उनकी जगह दो थर्ड एसी इकोनामी कोच लगा दिए गए हैं। थर्ड एसी इकोनामी कोच का किराया स्लीपर के किराए से दोगुने से भी अधिक है। इस संबंध में भोपाल रेल मंडल के अधिकारी रेलवे बोर्ड का मामला बताकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

हाल ही में यात्रा कर आए एक यात्री ने बताया कि स्लीपर कोच कम होने के कारण बचे हुए कोच में बहुत ज्यादा भीड़ थी। हालात जनरल डिब्बे जैसे थे, क्योंकि जिन लोगो का टिकट वेटिंग में था। वह कफर्म न होने के कारण ऐसे सभी यात्री कोच में मौजूद थे, जिससे डिब्बों के लोगों के बहुत बुरे हालत थे। पहले ये भीड़ कई स्लीपर कोच में बंट जाती थी, इससे समस्या नहीं होती थी।

यह है किराया
रेवांचल एक्सप्रेस स्लीपर - 355 रुपए, एसी इकोनामी - 855 रुपए
भोपाल एक्सप्रेस स्लीपर - 410 रुपार, एसी इकोनामी - 995 रुपए

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यात्रियों का कहना है कि पहले स्लीपर कोच में टिकट आसानी से मिल जाते थे, लेकिन कोच को कम करने के बाद से स्लीपर में ज्यादातर वेटिंग ही रहती है। वही थर्ड एसी इकोनामी में भी किराया स्लीपर से दो गुना है, इससे यात्री की जेब पर काफी असर पड रहा है। अब टिकट कफर्म होने के बाद भी भीड़ के कारण पूरी सीट नहीं मिल पा रही है। लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

बढ़ रही यात्रियों की फजीहत 
गर्मी की छुट्टी और शादी के सीजन में तो अत्यधिक भीड़ के कारण यात्रियों की फजीहत हो रही है। अब स्लीपर कोच कम होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक थर्ड एसी इकोनामी का किराया थर्ड एसी से थोड़ा कम होता है। लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए रेलवे की ओर से स्लीपर कोच की जगह थर्ड एसी इकोनामिक कोच ट्रेनों में लगाए जा रहे हैं।

 
 

स्लीपर कोच की हालत खराब 
रेलवे ने एलएचबी रेक के ट्रेनों में स्लीपर कोचों की संख्या कम कर दी है। नतीजा यह है कि परेशानियों के कारण यात्रियों का सफर करना कठिन बन गया है। स्लीपर कोच की कमी के स कारण स्लीपर की हालत सामान्य बोगी जैसी हो चुकी है।