जरूरी खबर: घर-घर जाकर लाड़ली बहनों के खाते खोल रहे पोस्टमैन

प्रदेश सरकार बहनों के खातों में डालेगी प्रतिमाह 1 हजार रूपये 
 | 
post man

पोस्ट आफिस के साथ संचालित इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक से लाड़ली बहना योजना के लिए महिलाओं के खाते खोले जा रहे हैं। अधीक्षक मुख्य डाकघर ने इस संबंध में बताया कि रीवा में सिरमौर चौराहे में स्थित प्रधान डाकघर में प्रतिदिन 500 से अधिक महिलाओं के ई केवाईसी अपडेशन का कार्य किया जा रहा है। पोस्ट आफिस द्वारा संचालित इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में खाता खोलने की कार्यवाही ऑनलाइन की जाती है। जिले भर में 250 पोस्टमैन घर-घर जाकर इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक में महिलाओं के खाते खोल रहे हैं। सभी खाते जीरो बैलेंस में खोले जा रहे हैं।  

डाक अधीक्षक ने बताया कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक का नेटवर्क पूरे जिले में विस्तारित है। इसमें लाड़ली बहना योजना के लिए महिलाओं के डीबीटी खाते खोले जा रहे हैं जिसमें किसी भी डायरेक्ट बेनीफिट स्कीम की राशि प्राप्त की जा सकेगी। हितग्राहियों को पेपरलेस बैंकिंग के क्यूआर कार्ड भी वितरित किए जा रहे हैं।

 

ऑनलाइन खाता खोलना बहुत आसान है। केवल दो से पाँच मिनट की अवधि में मोबाइल एवं बायोमेट्रिक डिवाइस से किसी भी व्यक्ति का खाता खुल जाता है। खाता खोलने के लिए आधार पंजीयन तथा समग्र आईडी का होना आवश्यक है। हितग्राही के मोबाइल में ओटीपी के माध्यम से ऑनलाइन खाता खोला जाता है। मोबाइल नम्बर न होने पर बायोमेट्रिक डिवाइस से खाता खोला जाता है। 

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 5 मार्च को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का शुभारंभ किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना के आवेदन पत्र 25 मार्च से भरे जाएंगे। इस योजना में 23 से 60 आयु वर्ग की विवाहित, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं को हर महीने उनके एकल बैंक खाते में प्रत्येक माह एक हजार रुपए की राशि दी जाएगी। 

 

इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
योजना का आवेदन पत्र भरने के लिए पात्र महिला के पास समग्र आईडी की आधार ई-केवाईसी होना आवश्यक है। साथ ही आधार संख्या से जुड़े सिंगल बैंक खाता तथा उसका डीबीटी इनेबल होना आवश्यक है। जिले भर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र महिलाओं के केवाईसी अपडेट करने की कार्यवाही की जा रही है। वहीं कॉमन सर्विस सेंटर तथा एमपी ऑनलाइन कियोस्क में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की समग्र आईडी की केवाईसी नि:शुल्क होगी। इसके लिए निर्धारित राशि का भुगतान शासन द्वारा किया जाएगा।