रीवा के 10 युवा जिन्होंने अपने कार्यों से किया कमाल, गर्व से पढ़िए इनकी उपलब्धियां

गुड मॉर्निंग डिजिटल।
रीवा। यूथ आइकन स्वामी विवेकानंद के जन्म दिन के अवसर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। यह दिन युवाओं के लिए यह सीख भी लेकर आता है कि उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रूको नहीं। स्वामी विवेकानंद का यह विश्व प्रसिद्ध कथन हर हाल में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। युवा दिवस उन लोगों के लिए भी समर्पित है जो अपने- अपने क्षेत्र में बेहतर काम कर समाज व देश की भलाई कर रहे हैं।
इस मौके पर आइए देखते हैं कि रीवा के वे कौन युवा हैं जिन्होंने अपनी लगन, निरंतर मेहनत और नवाचारों के साथ एक बड़ा मुकाम हासिल किया है और युवाओं के लिए नजीर पेश की है। वैसे तो रीवा में प्रतिभाशाली लोगों की एक लंबी लिस्ट है लेकिन आज हम अलग-अलग क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 10 युवाओं(40 वर्ष से कम) की बात करेंगे-
1. अवनि चतुर्वेदी
सबसे पहला नाम है रीवा और विंध्य की शान, देश की पहली महिला फायटर प्लेन पायलट अवनि चतुर्वेदी, जो भारत के बाहर होने वाले एरियल वार गेम में भारतीय सैन्य दल में शामिल होने वाली भी पहली महिला होंगी। 29 वर्षीय स्क्वाड्रन लीडर अवनि चतुर्वेदी का जन्म रीवा में हुआ है। आज रीवा का हर व्यक्ति अवनि के बारे में गर्व से बात करता है।
2. कुलदीप सेन
खेलों के प्रति रीवा के युवाओं का हमेशा झुकाव रहा है। यहां से कई राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी निकले है। इसी कड़ी एक नया नाम जुड़ा कुलदीप सेन का। अभावों के बीच पले बढ़े कुलदीप ने देश की अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेेले गए डेब्यू वनडे मैच में कुलदीप ने 2 महत्वपूर्ण विकेट भी झटके। कुलदीप के पिता रीवा शहर के सिरमौर चौक में अपनी सैलून चलाते हैं। इंडियन क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने पर देश के राष्ट्रीय मीडिया ने उनके बचपन की मार्मिक कहानी को खूब चलाया था। और कुलदीप को हाथों हाथ लिया।
3. अनुभव दुबे
व्यापार के क्षेत्र में अपना लोहा मनवाने वाले युवा का नाम है अनुभव दुबे। 27 वर्षीय अनुभव का जन्म 1996 में रीवा शहर में हुआ। आज अनुभव सफल बिजनेसमैन तथा एंटरप्रेन्योर है इन्हे एक करोड़पति चाय वाले के नाम से भी लोग जानते हैं क्योंकि चाय सुट्टा नाम से इनका एक ब्रांड है चाय के इस बिजनेस को अनुभव ने मात्र 3 लाख से शुरू करके आज सालाना का 100 करोड़ का टर्नओवर करते है। पूरे विश्व में चाय सुट्टा बार 400 से भी ज्यादा फ्रेंचाइजी के साथ काम कर रहा है। 2016 में इंदौर से शुरू किया चाय का बिजनेस आज एक बड़ा ब्रांड बनकर पूरे विश्व में कई अलग-अलग देशों में काम कर रहा है और 3000 से ज्यादा लोग इनके साथ काम करते है प्रत्येक दिन 3 लाख कुल्ल्ड़ चाय बेचते है।
4. डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी
राजधानी भोपाल में प्रैक्टिस कर रहे साइकेट्रिस्ट डॉ सत्यकांत त्रिवेदी मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में अपने प्रयासों के लिए न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में चर्चित हैं। देश की पहली आत्महत्या रोकथाम नीति जो कि मध्यप्रदेश द्वारा लायी जा रही है उसके वे प्रस्तावक सदस्य हैं। मेडिकल की पढ़ाई को हिंदी में करवाये जाने वाली कोर कमेटी के वे सदस्य हैं। डॉ सत्यकांत त्रिवेदी का जन्म रीवा में हुआ जबकि प्रारंभिक शिक्षा से लेकर एमबीबीएस तक की पढ़ाई भी रीवा में ही हुई। उनसे प्रेरणा लेकर मेडिकल स्टूडेंट्स साइकाइट्री फील्ड का चुनाव कर रहे हैं। जानकारों का कहना है उनके प्रयासों से पोलिटिकल डोमेन में मानसिक स्वास्थ्य की चर्चा बढ़ी है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके से यस टू लाइफ अभियान की तारीफ की है।अभी वे मानसिक स्वास्थ्य मंत्रालय की स्थापना के लिए एक्टिविस्ट मोड पर हैं।व्यस्त प्रैक्टिस के साथ मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए काम करने को वे अपना कर्तव्य मानते हैं।
5. डॉ एसके त्रिपाठी
स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से तेजी से बढ़ते रीवा शहर में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ एसके त्रिपाठी अपने बेहतर कार्यों से क्षेत्र में चर्चित हैं। रीवा में जन्में 38 वर्षीय डॉ त्रिपाठी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल रीवा के हृदय रोग विभाग में पदस्थ हैं। जानकारी के अनुसार उनके द्वारा 1200 से अधिक एंजियोप्लास्टी के साथ 600 से अधिक एंजियोग्राफी की जा चुकी है। जबकि वह 70 से ज्यादा प्रासीजर कर चुके हैं। वहीं कई ऐसे जटिल ऑपरेशन भी रीवा में संभव हो सके हैं जो प्रदेश के किसी सरकारी संस्थान में पहली बार किए गए। हाल की में डॉ एसके त्रिपाठी ने लीडलेस पेस मेकर सफलतापूर्वक इंस्टाल किया। जो मप्र के सरकारी संस्थान में किया जाने वाला पहला आपरेशन था। आज डॉ एसके त्रिपाठी मेडिकल फील्ड में इंटेरेस्ट रखने वाले युवाओं के आइकन बन चुके है।
6. प्रतिभा सिंह बघेल
तानसेन की धरती कही जाने वाली रीवा की प्रतिभा सिंह बघेल बालीवुड के कई गानों में अपनी आवाज देकर संगीत के क्षेत्र में विंध्य की सुरीली आवाज लोगों तक पहुंचा रहीं हैं। रीवा में जन्मी ३२ वर्षीय प्रतिभा सिंगिंग रियलिटी शो सारेगामापा के जरिए बॉलीवुड में कदम रखा। हाल ही में आई फिल्म मनिकर्णिका के लिए गाया गया उनका गाना ताकी ताकी और राजाजी….उनकी प्रसिद्धि का कारण बने हैं। प्रतिभा को संगीत का मशहूर लता मंगेश्कर अलंकरण अवार्ड और नेशनल क्लासिक वोकल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
7. हिमांशु शुक्ल
इंजीनियरिंग के बाद आईपीएस अधिकारी बने हिमांशु शुक्ल गुजरात में अपराध शाखा और एटीएस दोनों में काम करने वाले दुर्लभ शीर्ष पुलिस अधिकारियों में से एक है। उन्हें अब कैबिनेट सचिवालय के क्लास-1 कार्यकारी संवर्ग में निदेशक के ग्रेड पर नियुक्त किया गया है। गुजरात में, शुक्ला ने कठिन जांच की एक श्रृंखला से निपटते हुए एक उत्कृष्ट केस क्रैकर के रूप में प्रशंसा प्राप्त की।
8. दिव्यराज सिंह
वैसे तो विंध्य की धरा ने कई बड़े राजनेता देश-प्रदेश को दिए हैं। जिन्होने अपने कार्यकुशलता से अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया। लेकिन अगर युवाओं की बात करें तो सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह का नाम आगे आता है। रीवा राजघराने से ताल्लुक रखने वाले 38 वर्षीय दिव्यराज सिंह भारतीय जनता पार्टी की टिकट से लगातार दूसरी बार विधायक हैं। बेहद सौम्य प्रकृति के दिव्यराज सिंह निर्विवाद चेहरा हैं। राजनीतिक जीवन में वह लगभग विवादों से दूर रहे और अपने कार्यों से जनता के बीच लोकप्रिय बने हुए हैें।
9.ज्ञानेंद्र तिवारी
पत्रकारिता के क्षेत्र में रीवा का नाम रोशन करने वाले युवा पत्रकार 36 वर्षीय ज्ञानेंद्र तिवारी देश के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल एबीपी न्यूज के सीनियर करेस्पोंडेंट हैं। ज्ञानेंद्र तिवारी मूल रूप से रीवा जिले के मऊगंज के रहने वाले हैं। हालांकि उनकी प्रारंभिक पढ़ाई अविभाजित मध्यप्रदेश के जनकपुर कोरिया में हुई। किसी भी मुद्दे पर जमीनी हकीकत से रूबरू कराने वाले ज्ञानेंद्र तिवारी का अंदाज ए बयां बेहद अलग है। भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद ज्ञानेंद्र आज देश प्रदेश में क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
10. प्रणव प्रताप सिंह
निर्माण के क्षेत्र में रीवा के प्रणव प्रताप सिंह बेहतर कार्य कर रहे हैं। पहले बैंगलुरू फिर अमेरिका से पढ़ाई करने के बाद निर्माण क्षेत्र में उतरने वाले प्रणव प्रताप ने देश प्रदेश के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में काम कर चुके हैं जबकि कई बड़े निर्माण कार्य जारी हैं। सतना-बमीठा रोड, बिहार में एनएचएआई के साथ सिक्स लेन रोड, छिंदवाड़ा जेल, राजगढ़ मेडिकल कॉलेज सहित कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स प्रणव प्रताप की उपलब्धियां हैं। लेकिन वे इन दिनों चर्चाओं में है देश के सबसे बड़े ग्लोबल स्किल पार्क निर्माण को लेकर जो मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बनाया जा रहा है और जिसकी लागत तकरीबन 300 करोड़ रुपए है। प्रणव प्रताप सिंह एक उभरते हुए राजनीतिक व्यक्ति भी हैं और वर्तमान में जिला पंचायत रीवा के उपाध्यक्ष है।