Singrauli News: सिंगरौली कलेक्टर का सिंघम स्टाइल में सरकारी दफ्तरों का औचक एक्शन, एक ही दिन में 90 को नोटिस
सरकारी दफ्तरों का औचक निरीक्षण; जहां गए वहीं मिली खामियां, तत्काल कार्रवाई के दिए निर्देश
सिंगरौली। जिले की बदहाल व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कलेक्टर गौरव बैनल कई स्तर पर कवायद कर रहे हैं। वह कभी नगर निगम के कचरा प्लांट पहुंच जाते हैं, तो कभी तहसील और लोक सेवा केंद्रों का अचानक निरीक्षण करते हैं। निरीक्षण के दौरान जो खामियां मिलती हैं, उनको ठीक कराने के अलावा जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं रहते।
उनके निशाने में अब तक डेढ़ दर्जन से अधिकारी / कर्मचारी आ चुके हैं। नोटिस तो सैकड़ों को मिल चुकी है। निशाने में आए कई अधिकारियों की वेतन कटौती की गई तो कुछ को हटाकर जिला मुख्यालय में अटैच कर दिया गया। कलेक्टर जिस तरह से सिंघम स्टाइल में सिस्टम की चूडिय़ां कसने का काम कर रहे हैं, उससे जिले की जनता राहत महसूस कर रही है।
प्रदेश में तीन कलेक्टरों की कार्यशैली इन दिनों चर्चाओं में है। सिंगरौली कलेक्टर ने प्रशासनिक कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों और कर्मचारियों पर जो कार्रवाई की है उससे जिले के सरकारी आफिस में कर्मचारी समय से पहले आने लगे। ऐसे ही एक्शन में मुरैना एवं दतिया कलेक्टर नजर आए। मुरैना कलेक्टर ने वीडियो कॉल के जरिए पटवारी का झूठ पकड़ लिया और सस्पेंड कर दिया।
लोगों का कहना है कि पूर्व मे पदस्थ रहे कलेक्टर पी नरहरि, एम सेलवेन्द्रन, शशांक मिश्रा, अनुराग चौधरी और केवीएस चौधरी के बाद कोई दमदार कलेक्टर जिले में आया है। पिछले कई कलेक्टरों की नौकरी करने वाली कार्यशैली के कारण जिले का प्रशासनिक सिस्टम भी उसी ढररे पर चल रहा है। इसी तरह प्रयास जारी रहे तो यह ठीक हो जायेगा।
गैरहाजिर मिले तहसीलदार को मुख्यालय अटैच किया
कुछ दिन पहले कलेक्टर तहसील सरई का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। सोमवार का दिन होने से तहसील कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को लगा कि कलेक्टर साहब सुबह से टीएल और अन्य बैठकों में व्यस्त होंगे। लेकिन कलेक्टर साहब सुबह-सुबह सरई तहसील पहुंच गए। जहां तहसीलदार नदारद थे, कलेक्टर ने तत्काल तहसीलदार चंद्रशेखर मिश्रा को जिला मुख्यालय अटैच कर दिया और लिपिक तथा रीडर को निलंबित कर दिया।
पांच मिनट पहले ही पहुंचने लगे कर्मचारी
कुछ दिन पहले कलेक्टर कलेक्ट्रेट कार्यालय का सुबह-सुबह निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान 90 कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं आए थे, लिहाजा कलेक्टर ने सख्त निर्णय लेते हुए कार्यालय से अनुपस्थित मिले 90 कर्मचारियों को एक साथ शोकॉज नोटिस थमा दिया। नोटिस मिलने के बाद अब कलेक्ट्रेट के सभी अधिकारी/ कर्मचारी समय से पांच मिनट पहले ही अपनी शाखाओं में पहुंच जाते हैं और अपना कामकाज निपटाने लगते हैं।
इनका कहना है-
पब्लिक के काम समय पर हों, इसके लिए व्यवस्थाओं में सुधार करने की जरुरत महसूस हुई। उसी के बाद कार्यालयों का निरीक्षण किया। कोशिश कर रहा हॅू कि राजस्व से संबंधित काम जैसे लोगों के सीमांकन, बटनवारा, नामांतरण, नक्शा तरमीम के काम समय पर हों।
-गौरव बैनल, कलेक्टर