Shahdol News: शहडोल में खाद की कालाबाजारी में दो समिति प्रबंधकों को कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने किया निलंबित

खाद वितरण में लापरवाही बरतने पर हुआ ऐक्शन, मचा हड़कंप

 

शहडोल। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने यूरिया खाद वितरण में लापरवाही बरतने पर समिति प्रबंधक, आदिम जाति सेवा सहकारिता समिति मर्यादित टिहकी राजेश अवस्थी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में श्री अवस्थी का मुख्यालय केंद्रीय सहकारी बैंक मर्यादित जिला शहडोल नियत किया जाता है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 


बताया गया है कि ग्राम टिहकी स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित टिहकी का निरीक्षण किया गया, जिसकी प्रारंभिक जांच में पाया गया कि राजेश अवस्थी, समिति प्रबंधक, आदिम जाति सेवा सहकारिता समिति मर्यादित टिहकी द्वारा विकासखण्ड जयसिंहनगर में सोसायटी के यूरिया वितरण में बिना पंजीकृत किसानों को 251 बोरी खाद का वितरण किया गया।


खाद वितरण के लिए पी.ओ.एस. मशीन का उपयोग नहीं किया गया। भौतिक निरीक्षण करने पर गोदाम में यूरिया का स्टॉक शून्य पाया गया, परंतु पी.ओ.एस. मशीन में 14.58 टन स्टॉक प्रदर्शित हो रहा है। 


13 बोरी यूरिया का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इस प्रकार समिति को उपलब्ध कराया गया यूरिया सब्सिडी पर विक्रय न करते हुए ब्लैक में बेच दिया गया। समिति प्रबंधक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करते हुए यूरिया का विक्रय करने एवं काला-बाजारी करने के कारण किसान यूरिया प्राप्त करने से वंचित रहे।


समिति प्रबंधक जैतपुर को भी किया सस्पेंड
वहीं इसी प्रकार की लापरवाही बरतने पर समिति प्रबंधक, आदिम जाति सेवा सहकारिता समिति जैतपुर यमुना प्रसाद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लैम्प्स समिति जैतपुर के एवं खाद गोदाम खोड़री के निरीक्षण के दौरान प्रारंभिक जांच में पाया गया कि यमुना प्रसाद मिश्रा, समिति प्रबंधक, आदिम जाति सेवा सहकारिता समिति जैतपुर द्वारा सोसायटी के यूरिया वितरण में बिना पंजीकृत किसानों के 346 बोरी खाद का वितरण किया गया। 


भौतिक निरिक्षण करने पर गोदाम के स्टॉक रजिस्टर में 19 अगसत 2025 को 600 बोरी यूरिया  एवं 21 अगस्त 2025 को केवल 270 बोरी यूरिया शेष होना पाया गया। समिति प्रबंधक यह 270 बोरी यूरिया उचित मूल्य दुकान, ग्राम खोडरी में रखा होना बताया गया। जिसकी जांच करने पर 254 बोरी यूरिया उचित मूल्य दुकान पर पाई गई। इस प्रकार 600 बोरी यूरिया में से 346 बोरी यूरिया सब्सिडी पर विक्रय न करते हुए ब्लैक में बेच दिया गया।