Rewa News: रीवा का वनस्थली स्कूल बना नवाचार, विज्ञान और संस्कारों का जीवंत केंद्र
'जीनियस जेस्चर गैलरी' में दिखा भारत का भविष्य
रीवा। नई पीढ़ी की रचनात्मक ऊर्जा, वैज्ञानिक सोच और सांस्कृतिक मूल्यों का दुर्लभ संगम वनस्थली सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रीवा में आयोजित 'जीनियस जेस्चर गैलरी' विज्ञान एवं कला प्रदर्शनी में देखने को मिला। यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भविष्य के भारत की झलक बनकर सामने आया।
प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ रीवा सांसद जनार्दन मिश्र ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रुप चेयरमैन डॉ. एसएस तिवारी ने की विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरपी तिवारी डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉक्टर संदीप पांडे मैकेनिकल विभाग के विभाग अध्यक्ष पंकज श्रीवास्तव मॉडल साइंस कॉलेज रीवा के प्रोफेसर ऋषि कुमार तिवारी।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती की वंदना से हुआ, जिसने आयोजन को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की। इसके पश्चात छात्रों द्वारा प्रस्तुत हनुमान चालीसा का संगीतमय पाठ पूरे वातावरण में ऊर्जा, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना का संचार करता रहा, जिसे उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों ने सराहा।
प्रदर्शनी के अवलोकन के उपरांत सांसद जनार्दन मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बच्चे केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज की समस्याओं का समाधान खोजने की दिशा में सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'जीनियस जेस्चर गैलरी' जैसे मंच विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की प्रवृत्ति और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का आधार तैयार करते हैं।
सांसद ने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य प्रयोगात्मक, कौशल आधारित और मूल्यपरक शिक्षा को बढ़ावा देना है, और यह आयोजन उसी सोच का सजीव उदाहरण है। सांसद के पश्चात विद्यालय के चेयरमैन डॉ. एसएस तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि वनस्थली विद्यालय शिक्षा को केवल अंकों की दौड़ नहीं, बल्कि विचार, विवेक और मूल्य निर्माण की प्रक्रिया मानता है।
उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों को मंच देना है, ताकि वे अपनी कल्पनाशीलता और वैज्ञानिक सोच को समाज के समक्ष प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेंगे।
रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरपी तिवारी ने विद्यार्थियों के मॉडलों का अवलोकन करते हुए कहा कि स्कूल स्तर पर प्रस्तुत ये मॉडल तकनीकी समझ, तार्किक सोच और अनुसंधान प्रवृत्ति का प्रमाण हैं।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसी प्रतिभाओं को समय रहते मार्गदर्शन मिले, तो यही विद्यार्थी भविष्य में देश के श्रेष्ठ इंजीनियर, वैज्ञानिक और नवप्रवर्तक बनेंगे। उन्होंने विद्यालय को इस दूरदर्शी शैक्षणिक पहल के लिए बधाई दी।
प्रदर्शनी में विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, तकनीकी नवाचार, सामाजिक चेतना एवं कला से जुड़े विविध मॉडलों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। उपस्थित अतिथियों ने छात्रों की प्रस्तुति, आत्मविश्वास और रचनात्मकता की मुक्तकंठ से सराहना की।
इस अवसर पर रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. संदीप पांडे, मैकेनिकल विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज श्रीवास्तव, मॉडल साइंस कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. ऋषि तिवारी सहित अनेक शिक्षाविदों ने भी विद्यार्थियों को प्रेरक संदेश दिए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. मनोज तिवारी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस गरिमामयी आयोजन में विद्यालय की प्राचार्या दीप्ति अग्रवाल, जेएनसीटी कॉलेज के प्राचार्य मिहिर पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।