Rewa News: रीवा जिला न्यायालय ने हत्या के 3 आरोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

पंचम अपर सत्र न्यायाधीश संदीप श्रीवास्तव की अदालत ने बहुचर्चित हत्या के मामले में सुनाया बड़ा फैसला 

 

बसंत पंचमी मेले से लौट रहे युवक के सिर पर पत्थर पटककर की थी हत्या, ऑटो से कट मारने के विवाद में की थी वारदात 

रीवा। जिला न्यायालय रीवा के पंचम अपर सत्र न्यायाधीश संदीप श्रीवास्तव की अदालत ने बहुचर्चित हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने शासन विरुद्ध दीपक उर्फ तालेन्द्र चौरसिया एवं अन्य के मामले में दोषसिद्ध पाए जाने पर तीनों आरोपियों को उम्रकैद और अर्थदंड से दंडित किया है।
मामले की पैरवी करते हुए अपर लोक अभियोजक सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि घटना रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र की है।


ये था पूरा मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 13 फरवरी 2016 (बसंत पंचमी के त्योहार) की है। मृतक शुभम मिश्रा (पुत्र चंद्रभान मिश्रा, निवासी पटेहरा, थाना मनगवां) अपने मित्रों के साथ दो अलग-अलग मोटरसाइकिलों पर सवार होकर ग्राम गुढ़ स्थित कष्टहरनाथ मंदिर का मेला देखकर वापस लौट रहा था।


जब वे इंडियन गैस एजेंसी गुढ़ के पास पहुंचे, तभी पीछे से एक ऑटो आया और कट मारते हुए बगल से निकला। ऑटो में चालक रिकेश उर्फ रिंकू चौरसिया, बगल में बैठा राजेश चौरसिया और पीछे खड़े ऑटो मालिक दीपक उर्फ तालेन्द्र चौरसिया ने वाहन रोककर अभद्रता व गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान मृतक की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई।


तभी ऑटो से उतरकर आरोपियों ने सड़क पर पड़े भारी पत्थरों से शुभम के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बीच-बचाव करने आए उसके साथी पंकज को भी आरोपियों ने पत्थर मारकर घायल कर दिया था।


पेश किए गए ठोस सबूत-गवाह
मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजक सुनील कुमार शर्मा द्वारा न्यायालय में कुल 12 महत्वपूर्ण गवाह परीक्षित कराए गए। इनमें चक्षुदर्शी (प्रत्यक्षदर्शी) गवाह, पुलिस कर्मी, विशेषज्ञ गवाह, और चिकित्सकीय (मेडिकल) साक्ष्य शामिल थे। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजी साक्ष्यों और पुख्ता प्रमाणों के आधार पर अदालत ने आरोपियों के खिलाफ अपराध को पूरी तरह सिद्ध माना।


न्यायालय का फैसला और सजा
मामले की सुनवाई और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद माननीय न्यायालय ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के बजाय गंभीर श्रेणी मानते हुए धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत दोषी करार दिया।


कुल दंड का विवरण इस प्रकार है:

  • हत्या के मामले में: तीनों अभियुक्तों—दीपक उर्फ तालेन्द्र चौरसिया, राजेश चौरसिया उर्फ ललउना तथा रिकेश उर्फ रिंकू चौरसिया को आजीवन कारावास और 2,000/- रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
  • चोट पहुँचाने के मामले में: अन्य घायल (पंकज) को उपहति (चोट) कारित करने के जुर्म में सभी आरोपियों को 3 माह का कारावास तथा 200/- रुपये का अर्थदंड दिया गया। अदालत के निर्देशानुसार, दोषियों को दी गई दोनों सजाएं साथ-साथ भुगताई जाएंगी।