Rewa News: रीवा में दिलों को नई जिंदगी- 3 साल की बच्ची और युवती का बिना ओपन सर्जरी सफल हार्ट ऑपरेशन
सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में पहली बार दो जटिल कार्डियक प्रक्रियाएं सफल, विंध्य में ही मिल रही अब एडवांस हार्ट ट्रीटमेंट
3 साल की बच्ची और युवती का सफल हार्ट ऑपरेशन
बिना ओपन हार्ट सर्जरी, कैथ लैब से इलाज
PDA और ASD जैसी जटिल बीमारियों का इलाज
विंध्य में पहली बार इतनी उन्नत कार्डियक प्रक्रिया
अब बड़े शहरों पर निर्भरता कम
रीवा। विंध्य क्षेत्र के लिए गर्व की खबर है। रीवा के सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने हृदय रोग उपचार में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए दो जटिल हार्ट प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। खास बात यह रही कि दोनों ऑपरेशन बिना ओपन हार्ट सर्जरी के, अत्याधुनिक कैथ लैब तकनीक से किए गए।
कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. एस.के. त्रिपाठी और उनकी टीम ने 3 साल की मासूम बच्ची के जन्मजात हृदय रोग PDA (Patent Ductus Arteriosus) का डिवाइस क्लोजर किया। वहीं 24 वर्षीय युवती के दिल में मौजूद छेद ASD (Atrial Septal Defect) को भी सफलतापूर्वक बंद किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, यह प्रक्रियाएं न्यूनतम इनवेसिव तकनीक से की गईं, जिससे मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव और तेजी से रिकवरी का लाभ मिलेगा। पहले इस तरह के जटिल मामलों के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।
इस उपलब्धि के पीछे प्रदेश सरकार में मंत्री राजेंद्र शुक्ला की पहल और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में उनकी सक्रिय भूमिका को अहम माना जा रहा है। उनके प्रयासों से रीवा में आधुनिक चिकित्सा सेवाएं तेजी से विकसित हुई हैं।
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल, अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव और विभागाध्यक्ष डॉ. वी.डी. त्रिपाठी ने टीम को बधाई देते हुए इसे संस्थान की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बेहतर टीमवर्क और उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं का परिणाम है।
इस सफलता में डॉ. अकरम, जय मिश्रा, मनीष, सुमन, सुधांशु, विजय, सोनाली, अमन, सतेंद्र और किशोर की अहम भूमिका रही। अस्पताल प्रशासन ने इसे विंध्य क्षेत्र के लिए 'मील का पत्थर' बताते हुए कहा कि अब रीवा में ही एडवांस हार्ट ट्रीटमेंट उपलब्ध है, जिससे मरीजों का समय, पैसा और जोखिम—तीनों कम होंगे।