Rewa News: रीवा में 15 घंटे बाद खुला लंबा जाम, हजारों वाहन फंसे रहे
बीहर नदी पुल बंद होने से बेला बायपास से मैहर तक 15 किमी लंबी कतार
रीवा। बीहर नदी पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण बेला बायपास से मैहर टोल प्लाजा तक लगा करीब 15 किलोमीटर लंबा जाम लगभग 15 घंटे बाद बहाल हो सका। बुधवार रात से फंसे हजारों वाहन गुरुवार सुबह यातायात सामान्य होने पर धीरे-धीरे आगे बढ़ पाए। जाम हटाने के लिए रीवा और सतना पुलिस की संयुक्त टीम को करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, बीहर नदी पर बने पुल में आई तकनीकी खराबी के चलते बुधवार रात करीब 9 बजे से भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। इसके बाद वैकल्पिक मार्गों पर अचानक बढ़े दबाव के कारण बेला बायपास सहित आसपास के मार्गों पर लंबा जाम लग गया। इस दौरान कई ट्रक चालक घंटों तक बिना भोजन-पानी के फंसे रहे।
जाम में फंसे वाहन चालकों ने अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पूरी रात इंतजार के बावजूद राहत नहीं मिली और मौके पर व्यवस्थाएं भी नाकाफी रहीं, जिससे हादसे की आशंका बनी रही।
मरम्मत के चलते बदला ट्रैफिक रूट
बीहर नदी पुल पर चल रहे मरम्मत कार्य के कारण प्रशासन ने यातायात का डायवर्जन किया है। सतना, मैहर, प्रयागराज और मिर्जापुर की ओर जाने वाले भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिससे अन्य रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है।
समन्वय की कमी पर उठे सवाल
जाम की स्थिति को लेकर अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी भी सामने आई। ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार विभागों के बीच तालमेल बेहतर न होने से हालात बिगड़ने की बात कही जा रही है।
पुल क्षतिग्रस्त होने के कारणों की जांच
करीब 20 वर्ष पुराने इस पुल में अचानक आई खराबी को लेकर विशेषज्ञ विभिन्न कारणों की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर आसपास चल रहे निर्माण कार्य और जमीन धंसने को एक कारण माना जा रहा है। वहीं निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे संरचना कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है।
30 अप्रैल तक भारी वाहनों पर रोक
पुल में दरारें आने के बाद प्रशासन ने एहतियातन 30 अप्रैल 2026 तक भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया है। रताहरा से चौरहटा तक का मार्ग प्रभावित होने से यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। स्थिति का जायजा लेने के लिए एसडीएम हुजूर डॉ. अनुराग तिवारी ने मौके का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। वहीं स्थानीय लोग जाम की समस्या से स्थायी राहत के लिए बेहतर वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की मांग कर रहे हैं।
डायवर्जन से अन्य मार्गों पर बढ़ा दबाव
पुल बंद होने के बाद प्रयागराज और वाराणसी जाने वाले भारी वाहनों को मैहर-सतना-चित्रकूट मार्ग से भेजा जा रहा है, जिससे इस रूट पर ट्रैफिक बढ़ गया है। मैहर क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर वाहन चालकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने भारी वाहनों को निर्धारित मार्गों का पालन करने और हल्के वाहनों को शहर के अंदरूनी रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी है।