Rewa News: रीवा में नगर परिषद गुढ़ के पार्षदो ने अध्यक्ष, सीएमओ एवं इंजीनियर के खिलाफ खोला मोर्चा

पार्षद करेगें 2 जून से अनिश्चितकालीन धरना व प्रदर्शन

 

रीवा। जिले की नगर परिषद गुढ़ उपाध्यक्ष गीता सिंह के नेतृत्व में वारिष्ठ पार्षद जगदीश गौठिया पार्षद दल के नेता मुमताज खान, सरोज उपाध्याय, दुर्गेश गुप्ता, विमला रावत, शशिप्रभा गुप्ता, शंकर बंसल, पुष्पा प्रजापति ने एक ज्ञापन कलेक्टर रीवा को सौंपा है।


 ज्ञापन में इस बात का उल्लेख किया गया है कि करोड़ों रुपए नगर परिषद बनने के लिए स्वीकृत किया गया है। लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत का भवन नहीं बना जिस पर कलेक्टर प्रतिभा पाल द्वारा सीएमओ गुढ़ को आदेशित किया है कि तत्काल नगर पंचायत का जर्जर भवन गिरा कर शीध्र भवन बनवाया जाए लेकिन अध्यक्ष एवं सीएमओ ने कलेक्टर के आदेश कि धज्जियां उड़ा दी है। आज तक भवन का निर्माण कार्य नहीं कराया गया। इतना ही नहीं नगर परिषद गुढ़ में अध्यक्ष एवं सीएमओ ने फर्जी नियुक्ति की है जिसमें लाखो रुपए का भुगतान नगर परिषद गुढ़ से किया है। 


ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर परिषद गुढ़ मे जब से अर्चना सिंह अध्यक्ष बनी है तक से यह नगर परिषद सुर्खियो में रहा है क्योकी नगर परिषद गुढ़ में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है इस मुद्दे को लेकर नगर परिषद के पार्षदो ने कई बार अध्यक्ष अर्चना सिंह व सीएमओ केएन सिंह एवं सब. इंजीनियर आशीष द्विवेदी को निकाय मे भ्रष्टाचार रोकने के लिए कहा गया। लेकिन इन तीनो जिम्मेदार निकाय के पदाधिकारीयो ने भ्रष्टाचार की सीमा लांघते हुए कई ऐसे कार्य किए है। जिसमे गुढ़ नगर परिषद इनके कृत्यो से शर्मसार हो गई है। 


कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्यनगर पालिका अधिकारी केएन सिंह द्वारा फर्जी नियुक्ति एवं स्थानान्तरण प्रवीण द्विवेदी का किया गया था जिसमें आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मप्र शासन भोपाल द्वारा पत्र क्रं. 8795 14 मई 2024 को प्रकरण पंजीबद्ध करने हेतु कलेक्टर रीवा को लिखा गया था।


जिस पर कलेक्टर रीवा ने आयुक्त नगरीय प्रशासन के आदेश को संज्ञान मे लेते हुए शहरी विकास अभिकरण के आयुक्त रीवा को प्रकरण पंजीबद्ध करने हेतु निर्देषित किया लेकिन आज तक कोई प्रकरण पंजीबद्ध किया गया और न हीं केएन सिंह को बर्खास्त किया गया।


 इतना ही नहीं नगर परिषद गुढ़ के पीआईसी सदस्यो द्वारा नगर पालिका अधिनियम के नियमो के विपरीत करोड़ो रुपय का प्रस्ताव पारित कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है जबकि पी.आई.सी को इस तरह से नियम विरुद्ध तरीके से प्रस्ताव पारित करने का अधिकार अधिनियम मे नहीं है। फिर भी अध्यक्ष एवं सीएमओ के मिली भगत से पीआईसी से प्रस्ताव पारित कराया जा रहे है। जबकि जो भी प्रस्ताव पीआईसी करेगी उसका अनुमोदन परिषद से होना अवश्यक है। 


ज्ञापन में शिकायतकर्ताओं ने नगर परिषद अध्यक्ष, सीएमओ व अन्य पर कई प्रकार के गम्भीर आरोप लगाते हुए इन सभी पर समुचित कार्यवाही की मांग की है, अन्यथा की स्थिति में आंदोलन किए जाने की चेतावनी भी दी है।