Rewa News: रीवा में 86 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर की जटिल एंजियोप्लास्टी, 99% ब्लॉकेज के बावजूद बची जान
पूर्व सैनिक सम्मेलन में आए थे ब्रिगेडियर देवेन्द्र सिंह; हार्ट अटैक के बाद सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हुई इमरजेंसी एंजियोप्लास्टी, स्टेंट लगाकर सामान्य किया गया रक्त प्रवाह
रीवा। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, रीवा के कार्डियोलॉजी विभाग ने 86 वर्षीय सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर देवेन्द्र सिंह की जटिल एंजियोप्लास्टी कर उनकी जान बचाई। पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) के तहत उनका उपचार नि:शुल्क किया गया।
जानकारी के अनुसार ब्रिगेडियर सिंह रीवा में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन में शामिल होने आए थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द उठा। गंभीर स्थिति में उन्हें तत्काल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया।
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ एवं विभागाध्यक्ष डॉ. एस.के. त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच और ईसीजी में मरीज को मेजर हार्ट अटैक होने की पुष्टि हुई। तत्काल रक्त का थक्का घोलने के लिए इंजेक्शन दिया गया, लेकिन दर्द में राहत नहीं मिलने पर उन्हें कैथ लैब में शिफ्ट कर एंजियोग्राफी की गई।
जांच में हृदय की मुख्य धमनी में रक्त का थक्का और करीब 99 प्रतिशत ब्लॉकेज पाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. त्रिपाठी और उनकी टीम ने तत्काल एंजियोप्लास्टी करने का निर्णय लिया। आधुनिक तकनीक की मदद से अवरुद्ध धमनी को सफलतापूर्वक खोला गया और स्टेंट प्रत्यारोपित कर रक्त प्रवाह सामान्य किया गया। वर्तमान में मरीज की हालत स्थिर है और वे तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।
डॉ. एस.के. त्रिपाठी ने कहा कि देश की सेवा करने वाले सैनिकों को समय पर उच्चस्तरीय चिकित्सा उपलब्ध कराना चिकित्सकीय दायित्व के साथ राष्ट्रसेवा का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
उपमुख्यमंत्री का जताया आभार
डॉ. त्रिपाठी ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विंध्य क्षेत्र सहित आसपास के जिलों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा पा रहा है।
अस्पताल प्रबंधन ने दी बधाई
चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. सुनील अग्रवाल ने इस सफल प्रोसीजर को अस्पताल की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। वहीं अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव ने डॉ. एस.के. त्रिपाठी और उनकी पूरी टीम को बधाई दी।
इनका रहा विशेष योगदान
सफल एंजियोप्लास्टी में नर्सिंग स्टाफ के किशोर, सत्येंद्र और मनीषा के साथ कैथ लैब टीम के जय नारायण मिश्र, सत्यम, मनीष, सुमन, सुधांशु और निकित की महत्वपूर्ण भूमिका रही।