Rewa News: शहर के ट्रैफिक को मिलेगी एक नई मार, जल्द खुल रहा है रिलायंस स्मार्ट बाजार 

सिरमौर चौक फ्लाईओवर की उतरान के पास खुलने जा रहा स्टोर

 

यूनिवर्सिटी रोड पहले से व्यस्त, पार्किंग क्षमता को लेकर सवाल, जाम और दुर्घटना का खतरा

रीवा। शहर में जल्द ही रिलायंस स्मार्ट बाजार शुरू होने जा रहा है। यूनिवर्सिटी रोड पर सिरमौर चौराहा फ्लाईओवर की उतरान के पास खुलने जा रहे इस बड़े रिटेल स्टोर से लोगों को एक ही छत के नीचे रोजमर्रा की जरूरत का सामान उपलब्ध होने की सुविधा मिलेगी। लेकिन स्टोर शुरू होने से पहले ही एक ऐसा सवाल खड़ा हो गया है, जिसका जवाब रिलायंस स्मार्ट बाजार प्रबंधन और प्रशासन दोनों को देना चाहिए—ग्राहकों के वाहनों की पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था है या नहीं?


बढ़ेगा दबाव
मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि यह कोई सामान्य दुकान नहीं है। बड़े रिटेल स्टोर में ग्राहक परिवार के साथ पहुंचते हैं और खरीदारी के लिए कार, दोपहिया समेत निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। विशेष ऑफर, त्योहारों और सप्ताहांत में ग्राहकों की संख्या और वाहनों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ सकता है। ऐसे में जिस भवन में स्मार्ट बाजार शुरू होने जा रहा है, उसके बेसमेंट में उपलब्ध पार्किंग शहर में बढ़ते वाहनों और संभावित ग्राहक संख्या के लिहाज से पर्याप्त है या नहीं, इसकी स्पष्टता जरूरी है।

व्यस्ततम है यूनिवर्सिटी रोड
यूनिवर्सिटी रोड पहले ही व्यस्त मार्ग है। इसके साथ ही प्रस्तावित स्टोर फ्लाईओवर की उतराई के ठीक पास है। दोनों तरफ की सर्विस रोड भी यहीं पर आके यातायात का दबाव बनाती हैं। यदि पार्किंग परिसर के भीतर पर्याप्त नहीं हुई और ग्राहकों के वाहन सड़क किनारे खड़े होने लगे तो स्थिति कितनी तेजी से बिगड़ सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। शुरुआत में दो-चार वाहन सड़क पर खड़े होंगे, फिर धीरे-धीरे संख्या बढ़ेगी और देखते ही देखते सड़क का एक हिस्सा पार्किंग में बदल सकता है। इसका सीधा असर फ्लाईओवर से उतरने वाले वाहनों और यूनिवर्सिटी रोड के यातायात पर पड़ेगा।


जिम्मेदारी किसकी?
शहर की सड़क किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान की पार्किंग नहीं है। किसी बड़े स्टोर में पार्किंग की कमी का बोझ आम नागरिकों पर नहीं डाला जा सकता। सड़क पर खड़े वाहन न केवल यातायात को बाधित करेंगे, बल्कि फ्लाईओवर की उतराई जैसे संवेदनशील हिस्से पर दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा सकते हैं। सबसे गंभीर स्थिति उस समय बन सकती है जब सड़क पर वाहनों की भीड़ के कारण एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड या अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों को रास्ता मिलने में परेशानी हो।

बेसमेंट पार्किंग अपर्याप्त
रिलायंस जैसे बड़े ब्रांड से यह अपेक्षा स्वाभाविक है कि वह जिस शहर में अपना प्रतिष्ठान शुरू कर रहा है, वहां केवल स्टोर के अंदर की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि ग्राहकों के वाहनों के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित पार्किंग की जिम्मेदारी भी गंभीरता से ले। स्टोर प्रबंधन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी पार्किंग क्षमता कितनी है, पीक टाइम में कितने वाहनों को संभाला जा सकेगा और पार्किंग भर जाने की स्थिति में ग्राहकों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था होगी।


पहले से ही शहर भुगत रहा खामियाजा 
रीवा में बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ रही है। वी-2, एसपीएस शॉपिंग मॉल, स्टाइल बाजार, वी-मार्ट और विशाल मेगा मार्ट जैसे प्रतिष्ठानों के आसपास पर्याप्त पार्किंग को लेकर सवाल उठते रहे हैं। जब ग्राहकों के वाहन सड़क किनारे खड़े होते हैं तो उसका असर केवल उस प्रतिष्ठान के ग्राहकों पर नहीं पड़ता, बल्कि सड़क से गुजरने वाले हर नागरिक को जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है।

आम जनता को चुकानी पड़ेगी कीमत
शहर की पहले से बिगड़ी यातायात व्यवस्था में ऐसे नए दबाव को बिना तैयारी के जोड़ना समस्या को और गंभीर कर सकता है। आज आम नागरिक कई प्रमुख मार्गों पर जाम में फंसकर अपने जरूरी काम के लिए समय पर नहीं पहुंच पाता। ऐसे में किसी नए बड़े रिटेल स्टोर के कारण यदि यातायात का दबाव और बढ़ता है तो इसकी कीमत भी आम जनता को ही चुकानी पड़ेगी।


फैलेगी अव्यवस्था
रीवा में नया बाजार खुले, रोजगार और व्यापार बढ़े तथा लोगों को खरीदारी की सुविधा मिले—इसका स्वागत होना चाहिए। सवाल रिलायंस स्मार्ट बाजार खुलने का नहीं, बल्कि उसके कारण सार्वजनिक सड़क और यातायात व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित दबाव का है। रिलायंस स्मार्ट बाजार प्रबंधन को भी यह समझना होगा कि बड़ा ब्रांड होने के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। ग्राहकों को आकर्षित करने वाले ऑफर चलाना और बड़ी संख्या में ग्राहकों को बुलाना आसान है, लेकिन उन ग्राहकों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। रीवा को स्मार्ट बाजार चाहिए, लेकिन स्मार्ट बाजार के नाम पर सड़क को पार्किंग में बदलना मंजूर नहीं होना चाहिए।


डी-मार्ट जैसी पार्किंग व्यवस्था क्यों नहीं?
गुड रोड स्थित डी-मार्ट की पार्किंग व्यवस्था यह बताती है कि बड़े रिटेल स्टोर के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करना संभव है। ग्राहक अपने वाहन परिसर के भीतर पार्क करें, मुख्य सड़क यातायात के लिए खुली रहे और स्टोर के प्रवेश-निकास की व्यवस्था इस तरह हो कि सड़क पर अनावश्यक दबाव न पड़े- यही आदर्श व्यवस्था होनी चाहिए। हालांकि हाल ही में लाखों रुपये का अमानक घी जब्त किए जाने के बाद डी-मार्ट भी लोगों की नजर में आया है, लेकिन पार्किंग व्यवस्था के संदर्भ में उसका उदाहरण यह जरूर बताता है कि बड़े स्टोर के लिए सड़क से अलग पर्याप्त पार्किंग कितनी महत्वपूर्ण है।


जाम का इंतजार क्यों?
सबसे जरूरी सवाल प्रशासन से है। स्टोर शुरू होने के बाद जब सड़क पर वाहनों की कतार लग जाएगी, तब यातायात व्यवस्था सुधारने की कवायद शुरू करने का कोई औचित्य नहीं है। जिला प्रशासन, नगर निगम और यातायात पुलिस को स्टोर शुरू होने से पहले मौके का निरीक्षण कर पार्किंग क्षमता और संभावित यातायात दबाव का वास्तविक आकलन करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर स्टोर प्रबंधन से अतिरिक्त पार्किंग, प्रवेश-निकास की स्पष्ट व्यवस्था और सड़क पर वाहनों की पार्किंग रोकने की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित कराई जानी चाहिए। फ्लाईओवर की उतराई और यूनिवर्सिटी रोड पर किसी भी स्थिति में अनियंत्रित पार्किंग की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।